हालातों का वो मंज़र

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Ripples in Water
Ripples in Water ca. 2000

मेरे लिए खुद को संभाल पाना मुश्किल हो गया था । उस मुश्किल समय में मेरे दिल ने कुछ ऐसे हार मान ली थी की जेसे अब अब इस संसार को अलविदा कहना चाहता  हो …..
इस कुदरत ने भी जीवन के दो पहलु बनाये है अगर बुरे लोग है तो अच्छे भी कुछ कम नहीं है।
मेरे जीवन में भी एक अछे इंसान ने कुछ समय पहले दस्तक दी है । में नहीं जानती की वो इंसान किसी के लिये अच्छा है या नही पर में इतना जानती हूँ कि वो मेरे लिए बहुत अच्छा है और शायद हमेशा ऐसा ही रहेगा। में भूल नहीं पाऊँगी वो समय जब में अपना आपा खो बैठी थी किसी ऐसे कारण की वजह से जो शायद कुछ भी नहीं था … में बहुत रोई उस दिन । मुझे ऐसा लगने लगा की पिछले कुछ सालो की तरह ये साल भी रोते-बिलखते ही नकालने वाला है !!
मेने अपना फ़ोन उठाया,मेने उस ख़ास शख्स से बात की! हाँ ये वही इंसान है जिसे अब मैं अपनी परछाई का अंश समझती हूँ। में नहीं जानती मेरा उससे इतना लगाव कैसे बन गया है। ये इंसान अब बहुत ख़ास है , मेने उससे बात की उसको सब बताया की में किस हालात में हूँ । उस वक़्त में बहुत परेशान थी अपनी माँ के ग़ुस्से से मुझे ऐसा लग रहा था की मेरी माँ का लगाव खत्म होने लगा है मुझसे पर असल में माँ ही होती है जो सबसे ज़्यादा प्यार करती है।
जब मेने उस शख्स को सब बताया तो उसने मुझे कुछ इस तरह से संभाला और समझाया की में अपने आपे में आ गयी और मेरा पागलपन और गुस्सा शांत होने लगा ।
में उसकी बहुत शुक्रगुज़ार हूँ अब मेरे लिए वो दुनिया के किसी भी ख़ज़ाने से बहुत कीमती है और बहुत ख़ास भी । में फिर से खुश हु उसकी वजह से । 
🙂
#jhalli_kudi

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